Tourism Jabalpur
जबलपुर भ्रमण

पर्यटन

संगमरमर की चट्टानों से लेकर धुंधले जलप्रपातों तक — जबलपुर वह पावन धरा है जहाँ नर्मदा अपनी सबसे खूबसूरत गाथा लिखती है।

🏔️ संगमरमर की चट्टानें 💧 धुआंधार जलप्रपात 🐯 पास में 4 टाइगर रिजर्व 🛕 पवित्र धार्मिक स्थल 🌿 प्राचीन वन क्षेत्र
5+
प्रमुख दर्शनीय स्थल
4
आसपास के टाइगर रिजर्व
76 फीट
कचनार शिव प्रतिमा
6.5
रिक्टर पैमाना — भूकंप झेलने वाली संतुलित चट्टानें
दर्शनीय स्थल

ऐतिहासिक एवं प्रमुख पर्यटन स्थल

Bhedaghat
नर्मदा विरासत
भेड़ाघाट — संगमरमर की चट्टानें

संगमरमर की गगनचुंबी चट्टानों के बीच से रास्ता बनाती हुई मां नर्मदा की धारा यहाँ संकरी होकर एक जलप्रपात के रूप में नीचे गिरती है, जिसे 'धुआंधार' कहा जाता है। पानी के गिरने का वेग इतना तीव्र होता है कि इसकी गर्जना दूर से ही सुनाई देती है — यह कुदरत की बेमिसाल ताकत का एक अद्भुत नजारा है।

Dhuandhar Falls
जलप्रपात
धुआंधार जलप्रपात

नर्मदा नदी से निकलने वाले इस विशाल 10 से 30 मीटर ऊंचे प्रपात को "धुएं की बौछार" के रूप में भी जाना जाता है। पानी के गिरने की प्रचंड शक्ति से उठने वाली गर्जना दूर तक गूंजती है और हवा में लगातार बारीक पानी के कणों की वजह से कोहरे या धुएं जैसा खुशनुमा माहौल बना रहता है।

Bargi Dam
बांध एवं वॉटर स्पोर्ट्स
बरगी बांध

नर्मदा नदी पर बने 30 मुख्य बड़े बांधों में से एक, 'रानी अवंतीबाई लोधी सागर परियोजना' पूरे क्षेत्र के लिए पानी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। वर्तमान में यह स्थान वॉटर स्पोर्ट्स, क्रूज़ सफारी और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के लिए एक शानदार पर्यटन केंद्र बन चुका है।

Kachnar City
धार्मिक स्थल
कचनार सिटी शिव मंदिर

एक सुंदर गुफा के ऊपर निर्मित भगवान शिव की भव्य और विहंगम 76 फीट (23 मीटर) ऊंची प्रतिमा। इस पवित्र परिसर में देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों की हूबहू प्रतिकृतियां स्थापित हैं, जो दुनिया भर से श्रद्धालुओं को आकर्षित करती हैं।

Balancing Rocks
प्राकृतिक चमत्कार
बैलेंसिंग रॉक्स (संतुलित चट्टानें)

मदन महल किले के पास स्थित यह एक विशाल ज्वालामुखी चट्टान है, जो एक बेहद छोटे संपर्क बिंदु पर दूसरी चट्टान के ऊपर सदियों से टिकी हुई है। रिक्टर पैमाने पर 6.5 तीव्रता वाले विनाशकारी भूकंप को झेलने के बाद भी यह चट्टान अडिग रही और ऐसा लगता है जैसे सदियों से गुरुत्वाकर्षण को चुनौती दे रही हो।

शहर के पास वन्यजीव रोमांच

राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभ्यारण्य

🐯
कान्हा राष्ट्रीय उद्यान
~ जबलपुर से 165 किमी

बाघों की अच्छी आबादी और अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदर परिदृश्यों के लिए दुनिया भर में मशहूर। यहाँ की वाइल्डलाइफ जंगल सफारी में मुख्य रूप से रॉयल बंगाल टाइगर, बारहसिंगा (दलदली हिरण) और तेंदुए देखने को मिलते हैं।

🐆
बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान
~ जबलपुर से 194 किमी

भारत में बाघों के सबसे घने घनत्व (हाईएस्ट डेंसिटी) का घर। पथरीला, पहाड़ी इलाका और ऐतिहासिक महत्व (प्राचीन बांधवगढ़ किला) इसे वन्यजीव प्रेमियों और इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए बेहद खास बनाता है।

🌿
पेंच राष्ट्रीय उद्यान
~ जबलपुर से 230 किमी

रुडयार्ड किपलिंग की मशहूर कालजयी कृति 'द जंगल बुक' (मोगली की कहानी) की प्रेरणा भूमि के रूप में विख्यात। यह उद्यान बाघों, तेंदुओं और पक्षियों की कई दुर्लभ प्रजातियों से समृद्ध है।

🦁
पन्ना राष्ट्रीय उद्यान
~ जबलपुर से 200 किमी

अपनी अनूठी वन्यजीव विविधता और विश्व प्रसिद्ध खजुराहो के मंदिरों से निकटता के लिए जाना जाता है — यह जंगल के रोमांच और ऐतिहासिक सांस्कृतिक दर्शन का एक बेहतरीन संयोजन है।

🐻
सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व

शांत और सुकून भरे माहौल में बाघ, तेंदुए, भालू और स्लॉथ बियर जैसे जीवों को करीब से देखने का अनूठा अनुभव। अन्य उद्यानों की तुलना में कम भीड़-भाड़ होने के कारण प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आदर्श जगह है।

🐺
नौरादेही वन्यजीव अभ्यारण्य
~ जबलपुर से 90 किमी

मध्य प्रदेश के सबसे बड़े वन्यजीव अभ्यारण्यों में से एक। पारंपरिक शोर-शराबे से दूर यह जंगल बाघ, तेंदुए और भारतीय भेड़ियों (इंडियन वुल्फ) का प्राकृतिक बसेरा है, जो रोमांच का एक अलग ही अनुभव देता है।

🦅
रानी दुर्गावती वन्यजीव अभ्यारण्य
~ जबलपुर से 60 किमी

जबलपुर शहर के बेहद पास स्थित घने जंगलों और प्राकृतिक छटा से भरपूर एक बेहद खूबसूरत जगह। विभिन्न प्रकार के पक्षियों, हिरणों और वन्यजीवों से समृद्ध यह स्थान एक छोटे वीकेंड ट्रिप (शॉर्ट टूर) के लिए बिल्कुल उपयुक्त है।

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