पर्यटन
संगमरमर की चट्टानों से लेकर धुंधले जलप्रपातों तक — जबलपुर वह पावन धरा है जहाँ नर्मदा अपनी सबसे खूबसूरत गाथा लिखती है।
ऐतिहासिक एवं प्रमुख पर्यटन स्थल
संगमरमर की गगनचुंबी चट्टानों के बीच से रास्ता बनाती हुई मां नर्मदा की धारा यहाँ संकरी होकर एक जलप्रपात के रूप में नीचे गिरती है, जिसे 'धुआंधार' कहा जाता है। पानी के गिरने का वेग इतना तीव्र होता है कि इसकी गर्जना दूर से ही सुनाई देती है — यह कुदरत की बेमिसाल ताकत का एक अद्भुत नजारा है।
नर्मदा नदी से निकलने वाले इस विशाल 10 से 30 मीटर ऊंचे प्रपात को "धुएं की बौछार" के रूप में भी जाना जाता है। पानी के गिरने की प्रचंड शक्ति से उठने वाली गर्जना दूर तक गूंजती है और हवा में लगातार बारीक पानी के कणों की वजह से कोहरे या धुएं जैसा खुशनुमा माहौल बना रहता है।
नर्मदा नदी पर बने 30 मुख्य बड़े बांधों में से एक, 'रानी अवंतीबाई लोधी सागर परियोजना' पूरे क्षेत्र के लिए पानी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। वर्तमान में यह स्थान वॉटर स्पोर्ट्स, क्रूज़ सफारी और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के लिए एक शानदार पर्यटन केंद्र बन चुका है।
एक सुंदर गुफा के ऊपर निर्मित भगवान शिव की भव्य और विहंगम 76 फीट (23 मीटर) ऊंची प्रतिमा। इस पवित्र परिसर में देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों की हूबहू प्रतिकृतियां स्थापित हैं, जो दुनिया भर से श्रद्धालुओं को आकर्षित करती हैं।
मदन महल किले के पास स्थित यह एक विशाल ज्वालामुखी चट्टान है, जो एक बेहद छोटे संपर्क बिंदु पर दूसरी चट्टान के ऊपर सदियों से टिकी हुई है। रिक्टर पैमाने पर 6.5 तीव्रता वाले विनाशकारी भूकंप को झेलने के बाद भी यह चट्टान अडिग रही और ऐसा लगता है जैसे सदियों से गुरुत्वाकर्षण को चुनौती दे रही हो।
राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभ्यारण्य
बाघों की अच्छी आबादी और अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदर परिदृश्यों के लिए दुनिया भर में मशहूर। यहाँ की वाइल्डलाइफ जंगल सफारी में मुख्य रूप से रॉयल बंगाल टाइगर, बारहसिंगा (दलदली हिरण) और तेंदुए देखने को मिलते हैं।
भारत में बाघों के सबसे घने घनत्व (हाईएस्ट डेंसिटी) का घर। पथरीला, पहाड़ी इलाका और ऐतिहासिक महत्व (प्राचीन बांधवगढ़ किला) इसे वन्यजीव प्रेमियों और इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए बेहद खास बनाता है।
रुडयार्ड किपलिंग की मशहूर कालजयी कृति 'द जंगल बुक' (मोगली की कहानी) की प्रेरणा भूमि के रूप में विख्यात। यह उद्यान बाघों, तेंदुओं और पक्षियों की कई दुर्लभ प्रजातियों से समृद्ध है।
अपनी अनूठी वन्यजीव विविधता और विश्व प्रसिद्ध खजुराहो के मंदिरों से निकटता के लिए जाना जाता है — यह जंगल के रोमांच और ऐतिहासिक सांस्कृतिक दर्शन का एक बेहतरीन संयोजन है।
शांत और सुकून भरे माहौल में बाघ, तेंदुए, भालू और स्लॉथ बियर जैसे जीवों को करीब से देखने का अनूठा अनुभव। अन्य उद्यानों की तुलना में कम भीड़-भाड़ होने के कारण प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आदर्श जगह है।
मध्य प्रदेश के सबसे बड़े वन्यजीव अभ्यारण्यों में से एक। पारंपरिक शोर-शराबे से दूर यह जंगल बाघ, तेंदुए और भारतीय भेड़ियों (इंडियन वुल्फ) का प्राकृतिक बसेरा है, जो रोमांच का एक अलग ही अनुभव देता है।
जबलपुर शहर के बेहद पास स्थित घने जंगलों और प्राकृतिक छटा से भरपूर एक बेहद खूबसूरत जगह। विभिन्न प्रकार के पक्षियों, हिरणों और वन्यजीवों से समृद्ध यह स्थान एक छोटे वीकेंड ट्रिप (शॉर्ट टूर) के लिए बिल्कुल उपयुक्त है।